वो मुस्कुराहत थी तेरी
या थे दिल में दबे आंसू
नजरो छुं भी ले
चाहे भी तो कैसे कहें
हमने भी तो चाहा है
माना हमारी चाहत
खुदा को कबूल नहीं !-१०.०४.२०१६
या थे दिल में दबे आंसू
नजरो छुं भी ले
चाहे भी तो कैसे कहें
हमने भी तो चाहा है
माना हमारी चाहत
खुदा को कबूल नहीं !-१०.०४.२०१६
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