आज फिर से
मचल रहे जस्बात
मानो फिर हो रूबरू
वो आंखरी मुलाकात
मेरी नजरो से तू जो बिछड़ा
कसम खुदाया
हमने कभी सजदे में सर न झुकाया !-२७.०१.२०१६
मचल रहे जस्बात
मानो फिर हो रूबरू
वो आंखरी मुलाकात
मेरी नजरो से तू जो बिछड़ा
कसम खुदाया
हमने कभी सजदे में सर न झुकाया !-२७.०१.२०१६