Wednesday, 17 December 2014

ये उम्मीद न थी .....

ये उम्मीद न थी 
हम भी तुझे याद रहे
बस खुदा का वास्ता था
तेरे सिवा ये दिल न धड़के !-१६। १२. २०१४

Sunday, 9 November 2014

मैं और मेरी तन्हाई ~~~~

मैं और मेरी तन्हाई ~~~~

तन्हाई -पागल हो क्या !
अपने हे तो अपनों के बारे में सोचते है
मैं - पागल हु तभी तो आशिक़ हु !-२६.१०



Saturday, 4 October 2014

वो कशिश क्या....

वो कशिश 
क्या....
जो लफ़्ज़ों में बयान हो !
वो आशिक़ी क्या 
जो शब्दों में समाये !
अधूरी बातें
अधूरी रहें !
तू क्या समझे
शायर की जुबानी
दास्ताँ ये अधूरी
अधूरी सदा के लिए !-०४। १०। २०१४

Thursday, 26 June 2014

जो तू.......

जब जरुरत थी 
ना माँगा न मिला !
आज बिन मांगे 
तूने झोली भर दी !
ये गम क्या कम थे
जो तू छोर गयी !-२५. ०६। २ ० १ ४

Monday, 23 June 2014

बातों बातों में........

बातों बातों में अधूरी बातें हे सही,पर याद वो आज भी आती है......!!!-२३.०६. २०१४

Tuesday, 3 June 2014

~रो मत.....~

अपने आँसुओ की कीमत 
तुझे पता नहीं बन्दे 
रो मत
आंधी से पहले 
अक्सर अँधेरा छाता हैं
उगते हुए सूरज से पूछ 
हर दिन एक नया सवेरा आता है !-03.06.2014

Wednesday, 28 May 2014

झुकी झुकी सी नज़र.........

कह दे अपनी नज़रों से
ये दिल आज भी
तुझी पे मरता है !
कसम है खुदा की
एक मौका दे दे
इस दिल को !
सितारे ना सही
एक चंदा तो
अपने आसमान पे भी बनता है !-२८.०५.२०१४

Saturday, 24 May 2014

चाँद और चांदनी

चांदनी से पुछा मैंने 
बताना 
ये चाँद कहा मिलेगा !
चांदनी मुस्करा के बोली 
कैसे इंसान हो 
जो 
मेहबूबा से 
सौहोर का पता पूछते हो !
जिसकी तस्वीर नज़र में हो 
जिसकी एहसास साँसों में हो 
भला वो कैसे दिल के अलावा 
धड़कन से जुदा हो !-२४.०५.२०१४

Friday, 23 May 2014

~ नाज़नीन ~

नदी की धारा 
तेरी जुल्फों की छाओं
से क्या गुज़री !
तूने तो 
बहती हवा का 
रुख बदल दिया !-२४.०५.२०१४

~ गिला ~

हमने आँखों से जहर पिया नहीं 
तूने होंटो से शिकवा कर लिया !-२४। ०५। २०१४

Sunday, 16 March 2014

~ तेरी वफ़ा ~



तू मुस्करा के कह देती
हस्ते हस्ते खुदखुशी कर लेते !
मेरे प्यार कि गहराई 
तेरे दामन में सिमट ना पाई !
बेवफा तू नहीं
शायद हम ही वफ़ा निभा न सके ! -१ ६। ० ३। २ ० १ ४