Wednesday, 20 April 2016

तेरा नाम रहे

कल भी बीतें
आज भी बीतें
यूँ ना बीतें
जो तेरे साथ बीतें !
जानू ना
क्या नाम दू
इस
कस्मकस को !
बुलाऊ तुझे
ईश्क़
या वफ़ा को
सुरूर का नाम दू !
न भुलाए गये
जो बीतें
ना भूलेंगे तेरे साथ के साये !
कहने को तो
ये अल्फाज़
रहे हमेशा बेजुबान !
दुआ इतनी सी
ना बीतें ये पल
बस यूँ ही
हम रहे
या ना रहे
दुआओं में
तेरा नाम रहे !-२०.०४.२०१६

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