नजरें उठा कर तो देखिये
जुल्फें हटाके तो देखिये
कब से बैठे हैं इन्तेजार में
ए ग़ालिब
नज़रे मिला कर तो देखिये....!!!-१७-०९-२०१३
जुल्फें हटाके तो देखिये
कब से बैठे हैं इन्तेजार में
ए ग़ालिब
नज़रे मिला कर तो देखिये....!!!-१७-०९-२०१३
तेरे बिना ,हर पल,हर दिन,हर मंजर तेरे बिना !तुझे छूके गुजरे हवाये ;मेरी नजर आज भी तुझे ढूंढे ! हर लम्हा तेरी यादों का कर्जदार रहे ये मेरा दिल ;भुला न पाएंगे तुझे तू याद करे न करे तेरी यादों के सहारे ये जिंदगी बितानी हमने बस इतनी सी ख्वाहिश !मेरे दिल के कुछ चंद अरमान ;कुछ लफ्ज़ कुछ लम्हें जिन्हे शायद वक़्त से पहले कोई न समझ पाया न कभी पायेगा !इस न चीज की नुमाइश आप सब के सामने ,उम्मीद रखता हु आप सब को पसंद आये !