Tuesday, 10 February 2015

बस यूँ ही.........

कुछ अनकही
यूँ ही कह देते
कुछ सूनापन
काश आप भी महसूस करते
यूँ तो उन रस्तो पर
ना आते जाते हम इन दिनों
एक सूनापन हर लम्हा
फिर भी न जाने क्यों
हमें घेरे रहता
आपसे दूर रहते
आपकी यादों में खोये रहते  
बस यूँ ही......................!!!-१०। ०२। २०१५ 

Friday, 6 February 2015

रौशनी का इंतज़ार.......

रौशनी का इंतज़ार 
जुगनू नहीं करते 
पानी की प्यास 
खारे पानी से
न मिटती
जिंदगी जिन्दा रहने से नहीं 
जीने से जी जाती है !-०३। ०२। २०१५

एहसास हो........

सिर्फ एहसास हो
एहसान तो पराये करते है
बस तेरी याद हो 
उम्मीद तो गैरो से की जाती है !-३१। ०१. २०१५

तेरी बंदगी में रातें गुजर जाती ........

नींद तो इन दिनों 
हमें भी नहीं आती 
हसीं जुल्फें सवार्ति
तेरी तस्वीर नजर आती !
यूँ तो खुदा से हमने 
न मांगी थी जिंदगी !
फिर भी न जाने क्यों 
तेरी बंदगी में रातें गुजर जाती !-१६। ०१. २०१५

तू छुं गया..... तू छा गया

तू छुं गया
तू छा गया
तेरी जिंदगी बन्दे अधूरी थी
तूने जानली मक़ाम तो पूरी की
आज तुझे एहसास हुआ
तेरी ताकत का अंदाज हुआ
अब तेरी राह देख रही दुनिया
जा अब तू आजाद हैं
वक़्त को अपना गुलाम बना
ऐसी अपनी पहचान बना
छाना है तुझे दुनिया पे
ले तेरी उड़ान
छुं ले आसमान
छा जा दुनिया पे
बता दे एहसान से नही
औकाद से बदलती है दुनिया ! -०६। ०२। २०१५