Thursday, 3 August 2017

तेरी उम्मीद

अपनी ही तलाश में हु
तेरी उम्मीद न रही
मंजर तो  देखे हमने बहुतसे
रुक गए बस तेरी परछाई पे आके !  

Sunday, 11 June 2017

महफिले तन्हाई

महफिले छूट गयी 
न जाने 
पैमाने भी रुस्वा हो गये हमसे 
अब तो बस इंतजार रह गया निभाने को 
रिश्ते भी अलविदा कह गये !-१०.०६.२०१७

Thursday, 25 May 2017

सुरुर

शराब को बदनाम
न कर ग़ालिब
सुरुर तो उनकी
आँखों से छलकता है !-२५.०५.२०१७   

चाहत न थी

आहें भरते रह गये
जिन्हे देख कर हम
उन्हें आज भी ये गुरुर
हमको उनकी चाहत न थी !-२५.०५.२०१७  

ऐतराज़ न कीजिये...

ऐतराज़ न कीजिये हुजूर
आज शबेबरात है
लफ़्ज़ों से हो बयान
वह एहसास नहीं हमारे
चाहे तो सुनले
धड़कनो की जुबान !-२५.०५.२०१७ 

Thursday, 11 May 2017

जो तेरा नहीं....

जो तेरा नहीं 
उस पे ही क्यों 
ऐतबार करता है !
ऐ दिल 
क्यों तू अक्सर 
अपने हदें भूल जाता है !
मर्ज ही तो है
जो हर दर्द हसके
सह लेता है !
वरना क्या फ़र्क़ पड़ता
इंसान तो यूँ हे भुला देता है !-११.०५.२०१७

Sunday, 2 April 2017

यादों की बात

जायज है तेरा शिकवा 
बेवफा तू नही 
रातें तो यूँ ही बीत जाती है 
क्यों कोई समझा नही 
यादों की बात ही कुछ और है 
पता नहीं कब किसे अपनाये
हम तो आवारा फिरते सड़को पर
न जाने कैसे कारवाँ जुड़ जाये !-०३.०४.२०१७

Friday, 27 January 2017

आरज़ू

आज फिर से 
मचल रहे जस्बात 
मानो फिर हो रूबरू 
वो आंखरी मुलाकात 
मेरी नजरो से तू जो बिछड़ा
कसम खुदाया
हमने कभी सजदे में सर न झुकाया !-२७.०१.२०१६

जो तू न मिला

शिकायत नही 
उस कायनात से 
जो मुकम्मल न हो 
दुआ में फिर भी तू 
गुजारिश कुछ यूँ हो 
तुझे न देखे मेरी नजरे
उस रात की न सुबह हो ! - २७.०१.२०१७