कुछ इस अदा से
"जालिम"
बुलाया उन्होंने
हमें
न कह सके
क़तल करे कोई
इन अदाओं से !
सांसों को जुड़ा करे
धड़कनो से !
इस बेजुबान दिल की
जुबान बने कोई !
और इल्जाम हम पे
की हमने जुल्म ढाये उनपे !
हुजूर
खता तो बस
इतनी सी थी हमारी
कह दिया आपने
हम दिल की बात
जुबान पर ला न सके !!!-२०। ०८। २०१५