कुछ इस तरह
वफ़ा के सुरूर में दुबे
वक़्त का ना होश रहा !
सदियाँ बीत गयी
जिसकी तलाश में
वो मिले भी तो
दस्तक देते दरवाजे पे !-२३.०४.२०१६
वफ़ा के सुरूर में दुबे
वक़्त का ना होश रहा !
सदियाँ बीत गयी
जिसकी तलाश में
वो मिले भी तो
दस्तक देते दरवाजे पे !-२३.०४.२०१६
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