Tuesday, 31 May 2016

जीने की वजह

तेरी दर्द की गहराई
मेरे लम्हों की आरजू
तूने न मुड़के देखा
न हमने पूछी वजह
बिछड़ भी जाये तो क्या
रुस्वा जो तू हमसे
न रही जीने की वजह !-३१.०५.२०१६ 

इंकार तेरा काबुल नहीं

आसान नहीं
बिखरे टुकड़ो को जोडना
मोहब्बत हो तो
खुदा भी फकत
उतर आये जमीन पर
दिये जो आंसू तूने
बड़ी नजाकत से
संभाले इन आँखों में
जरुरत थी
भले ही बे'इजाजत
जो नूर तुझमे
क्या कीमत करू अदा
वक़्त की मोहलत
कुछ बंदिशे यूँ ही
न कह सके
जताते भी भला कैसे
तोड़ दिए शीशे
रुक्सत जो न हुए तुझसे
अब दे भी दे इजाजत
इंकार तेरा काबुल नहीं !-३१.०५.२०१६

यादों में......

प्यार का एहसास
रहे यूँही
उम्र बीत जाएं
यादों में !-३१.०५.२०१६

Sunday, 29 May 2016

अलविदा

शिद्दत जिसकी की 
शिकायत करू क्या 
हुस्न से ज्यादा 
दिल की शोहरत
वादों से
परे इंतजार
किसकी कुदरत
कैसा ऐतबार
कोरे कागज से
जा मिटा दिया
और न पुकारेंगे ! - २९.०५.२०१६

Wednesday, 25 May 2016

दस्तूर-ए-वफ़ा --- जिंदगी

जो होंठ छू गए 
तुझे 
बेवफा जिंदगी कि
आरज़ू 
न रही 
गम ही क्या
जो
दस्तूर-ए-वफ़ा
जिंदगी
भीगा दे पलकों को
लम्हें जो तेरे साथ बीतें
काटली हमने सदियाँ !-२५.०५.२०१६

Thursday, 19 May 2016

मेरा क्या तू लागे.....

इजाजत जो हो तेरी
रुखसत करे अदा
जो हर सांस पे तेरे निशान
कैसे बताये भला
कौन मेरा
मेरा क्या तू लागे !-१९.०५.२०१६

इश्क़ नामुराद

जो हो जाये
लफ्ज़ -ए- बयान
तो ये इश्क़ नामुराद
शायर भले ही हम
मौसिकी हमारी आपकी बंदगी !-१९.०५.२०१६

Tuesday, 17 May 2016

बीतें लम्हें

भूल भी जाये
हर बात तो क्या
चंद कदम
जो चले तेरे संग
कुछ यूँ बीतें लम्हें
मानो
जिंदगी मुस्कराई
बादलों में छुप कर !-१७.०५.२०१६ 

तेरे लिये

टूटे हुए तारे से 
जो निकला नूर था 
ख्वाहिशो की हसरत से 
निकले चंद अल्फाज 
जो न समझे 
इंतजार को तेरे
नहीं बन्दे वो बने तेरे लिये !-१७.०५.२०१६

Monday, 16 May 2016

इश्क़ का असर

मेरे होंठ छुं जाये
तेरे बदन के हर जर्रे को
हो इस कदर
इश्क़ का असर
मदहोश तू
मेरी बाँहों की जंजीरे
बिखर जा आज इस क़दर
ग़ालिब की कलम रुक जाये !-१७.०५.२०१६ 

तेरे सजदे में

डर तुझे खोने का नहीं
डरता हु अपने उस वजूद से
जिसने तेरे सजदे में
मुझे भुला दिया !-१७.०५.२०१६ 

Wednesday, 11 May 2016

फकीरों की सोहरत

फकीरों की सोहरत है
दौलत तो तवायफ भी कमा लेती है !-११.०५.२०१६