तेरे बिना ,हर पल,हर दिन,हर मंजर तेरे बिना !तुझे छूके गुजरे हवाये ;मेरी नजर आज भी तुझे ढूंढे ! हर लम्हा तेरी यादों का कर्जदार रहे ये मेरा दिल ;भुला न पाएंगे तुझे तू याद करे न करे तेरी यादों के सहारे ये जिंदगी बितानी हमने बस इतनी सी ख्वाहिश !मेरे दिल के कुछ चंद अरमान ;कुछ लफ्ज़ कुछ लम्हें जिन्हे शायद वक़्त से पहले कोई न समझ पाया न कभी पायेगा !इस न चीज की नुमाइश आप सब के सामने ,उम्मीद रखता हु आप सब को पसंद आये !
Wednesday, 28 May 2014
Saturday, 24 May 2014
चाँद और चांदनी
चांदनी से पुछा मैंने
बताना
ये चाँद कहा मिलेगा !
चांदनी मुस्करा के बोली
कैसे इंसान हो
जो
मेहबूबा से
सौहोर का पता पूछते हो !
जिसकी तस्वीर नज़र में हो
जिसकी एहसास साँसों में हो
भला वो कैसे दिल के अलावा
धड़कन से जुदा हो !-२४.०५.२०१४
बताना
ये चाँद कहा मिलेगा !
चांदनी मुस्करा के बोली
कैसे इंसान हो
जो
मेहबूबा से
सौहोर का पता पूछते हो !
जिसकी तस्वीर नज़र में हो
जिसकी एहसास साँसों में हो
भला वो कैसे दिल के अलावा
धड़कन से जुदा हो !-२४.०५.२०१४
Friday, 23 May 2014
~ नाज़नीन ~
नदी की धारा
तेरी जुल्फों की छाओं
से क्या गुज़री !
तूने तो
बहती हवा का
रुख बदल दिया !-२४.०५.२०१४
तेरी जुल्फों की छाओं
से क्या गुज़री !
तूने तो
बहती हवा का
रुख बदल दिया !-२४.०५.२०१४
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