Wednesday, 28 May 2014

झुकी झुकी सी नज़र.........

कह दे अपनी नज़रों से
ये दिल आज भी
तुझी पे मरता है !
कसम है खुदा की
एक मौका दे दे
इस दिल को !
सितारे ना सही
एक चंदा तो
अपने आसमान पे भी बनता है !-२८.०५.२०१४

Saturday, 24 May 2014

चाँद और चांदनी

चांदनी से पुछा मैंने 
बताना 
ये चाँद कहा मिलेगा !
चांदनी मुस्करा के बोली 
कैसे इंसान हो 
जो 
मेहबूबा से 
सौहोर का पता पूछते हो !
जिसकी तस्वीर नज़र में हो 
जिसकी एहसास साँसों में हो 
भला वो कैसे दिल के अलावा 
धड़कन से जुदा हो !-२४.०५.२०१४

Friday, 23 May 2014

~ नाज़नीन ~

नदी की धारा 
तेरी जुल्फों की छाओं
से क्या गुज़री !
तूने तो 
बहती हवा का 
रुख बदल दिया !-२४.०५.२०१४

~ गिला ~

हमने आँखों से जहर पिया नहीं 
तूने होंटो से शिकवा कर लिया !-२४। ०५। २०१४