Monday, 19 September 2016

बंजर आँखें

वो जो मौहलत
दे
पल दो पल
इश्क़ निभाले
जो अधूरे है
हम !
वो
न हो
उन्हें मंजूर
सुबह न हो
न ढले शाम !
यूँ ही गुजर जाये
जिंदगी
का मौसम
बंजर आँखें
उनकी राह तकते रहे !-१९.०९.२०१६ 

Sunday, 11 September 2016

तुमसे दूर रहना

तुमसे
दूर रहना ही
मेरी
सबसे बड़ी कमी है !
तुमसे दूर रहना
वो हर पल
मेरी कमी है !
जो दुनिया तुमसे मुझे
अलग रहने पे मजबूर करे
इस दुनिया का साथ निभाना
मेरी कमी है ! - ११.०९.२०१६ 

Saturday, 10 September 2016

तराजू

एक तराजू की 
तलाश है 
मुकम्मल जो हमें 
अपनी भी 
कीमत बता दे !
ज़माने में
न मिली
वो नजरे
नजर मिलते ही
जो जमुना बहा दे !-१०.०९.२०१६

Wednesday, 7 September 2016

नामुराद जिंदगी

जो हर लम्हा
मुझ में तू बसे
हर ख्वाब मेरा तुझसे जुड़े
जो मेरी चाहत हो बुलंद इतनी
तेरी हर मुस्कान में मैं बसु
जो आंसू कभी
छू जाये तेरी पलके
वो पल हो यूँ
मैं आंखरी सांस लू
शिकायत नहीं
उस खुदा से
मेरी हसरतो को
जो तू मिल जाये
नामुराद हो भी जिंदगी
करम हो तो इतना
तुझसे पहले मुझे मौत आये !-०७.०९.२०१६

Sunday, 4 September 2016

उनकी ख्वाहिश

उनसे ख्वाहिश
क्या पूछी
सजदे में
सर झुका बैठे !
बाहों में भर के
जो चूम लिये
होंठ उनके
पलके भीगा बैठे !
वो क्या जमाना
जो मोहब्बत की
कीमत करे अदा !
ऐ मोहब्बत
तू जिसे छुले
आदम खुदा भुला बैठे ! - ०४.०९.२०१६

Friday, 2 September 2016

जबसे तुझे छुया

जस्बातों की बंदिशे 
रूह को छूते लफ्ज़ 
बयां न हुए
फिर भी न जाने 
अनजाने में ही
दूरिया नजदीकियों में बदल गयी !
नूर की बारिश
खुली तेरी जुल्फें
तेरे बदन को छूते हम
चाँद से फिसलती चांदनी !
सजदा जो करू
तेरा चेहरा
इबादत मेरी यु तुझसे जुड़ी !
मज़हब बदल ले है मंजूर
पानी न छुया इन होंटो ने जबसे तुझे छुया !-०२.०९.२०१६

Thursday, 1 September 2016

जो तुझसे मिले

तेरे छूने से 
भीग जाता हु 
मदहोश बादल मानो 
बेवजह यु ही बरसे !
वफ़ा की इजाजत 
क्या मांगू उससे !
जो तुझसे मिला
मानो सदियों की दूरी
लम्हों की गुजारिश !
भीगे जस्बात यूँ
रूबरू न हुए
फिर खुदसे
जो तुझसे मिले !-०१.०९.२०१६