तेरे छूने से
भीग जाता हु
मदहोश बादल मानो
बेवजह यु ही बरसे !
वफ़ा की इजाजत
क्या मांगू उससे !
जो तुझसे मिला
मानो सदियों की दूरी
लम्हों की गुजारिश !
भीगे जस्बात यूँ
रूबरू न हुए
फिर खुदसे
जो तुझसे मिले !-०१.०९.२०१६
भीग जाता हु
मदहोश बादल मानो
बेवजह यु ही बरसे !
वफ़ा की इजाजत
क्या मांगू उससे !
जो तुझसे मिला
मानो सदियों की दूरी
लम्हों की गुजारिश !
भीगे जस्बात यूँ
रूबरू न हुए
फिर खुदसे
जो तुझसे मिले !-०१.०९.२०१६
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