जो हर लम्हा
मुझ में तू बसे
हर ख्वाब मेरा तुझसे जुड़े
जो मेरी चाहत हो बुलंद इतनी
तेरी हर मुस्कान में मैं बसु
जो आंसू कभी
छू जाये तेरी पलके
वो पल हो यूँ
मैं आंखरी सांस लू
शिकायत नहीं
उस खुदा से
मेरी हसरतो को
जो तू मिल जाये
नामुराद हो भी जिंदगी
करम हो तो इतना
तुझसे पहले मुझे मौत आये !-०७.०९.२०१६
मुझ में तू बसे
हर ख्वाब मेरा तुझसे जुड़े
जो मेरी चाहत हो बुलंद इतनी
तेरी हर मुस्कान में मैं बसु
जो आंसू कभी
छू जाये तेरी पलके
वो पल हो यूँ
मैं आंखरी सांस लू
शिकायत नहीं
उस खुदा से
मेरी हसरतो को
जो तू मिल जाये
नामुराद हो भी जिंदगी
करम हो तो इतना
तुझसे पहले मुझे मौत आये !-०७.०९.२०१६
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