Saturday, 10 September 2016

तराजू

एक तराजू की 
तलाश है 
मुकम्मल जो हमें 
अपनी भी 
कीमत बता दे !
ज़माने में
न मिली
वो नजरे
नजर मिलते ही
जो जमुना बहा दे !-१०.०९.२०१६

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