वो भी एक शहर था
जिसमे मेरा घर था
एक खुला सा आँगन
जिसे सब बचपन कहते थे
फिर अचानक एकदिन
अंधेरा छा गया
फिर जब सवेरा हुआ
वो खुला आँगन न रहा
बेघर मैं मेरे साथ सड़क की धूल !-१६.०७.२०२०
जिसमे मेरा घर था
एक खुला सा आँगन
जिसे सब बचपन कहते थे
फिर अचानक एकदिन
अंधेरा छा गया
फिर जब सवेरा हुआ
वो खुला आँगन न रहा
बेघर मैं मेरे साथ सड़क की धूल !-१६.०७.२०२०
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