अच्छे नहीं लगते
वो चौदवी का चाँद
हम कीचड़ के कमल
जरुरी नहीं हर साथ
ज़माने की गवारा हो
याद कर
कभी अपनी तन्हाइयो में
खुद को भुला कर
बुलंदी मिले हमारी इबादत को !-१९.०७.२०१६
वो चौदवी का चाँद
हम कीचड़ के कमल
जरुरी नहीं हर साथ
ज़माने की गवारा हो
याद कर
कभी अपनी तन्हाइयो में
खुद को भुला कर
बुलंदी मिले हमारी इबादत को !-१९.०७.२०१६
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