Wednesday, 27 July 2016

पराया हक़

गुजर जाये
आज फिर से ये रात
कल भी चाँद होगा फलक पे
ख्वाब तेरे होंगे
हक़ खो चुके होंगे हम
लाजमी नहीं हमें आज भी पराया !-२८.०७.२०१६

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