Saturday, 23 July 2016

सावन के बादल

यु तो हर एहसास है अधूरा 
न तू हो मौजूद जहां 
सावन के ये बादल
प्यासी जमीं भला बताये भी तो कैसे 
कितने अधूरे हम 
तेरे बिना !-२४.०७.२०१६

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