टूटे हुए तारे से
जो निकला नूर था
ख्वाहिशो की हसरत से
निकले चंद अल्फाज
जो न समझे
इंतजार को तेरे
नहीं बन्दे वो बने तेरे लिये !-१७.०५.२०१६
जो निकला नूर था
ख्वाहिशो की हसरत से
निकले चंद अल्फाज
जो न समझे
इंतजार को तेरे
नहीं बन्दे वो बने तेरे लिये !-१७.०५.२०१६
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