वो खुद से ही
बाते किया करती
एक अपनापन था मानो
ये रात उसे प्यारी थी
मैं वाकिफ था
हर उस पहलु से
जिसे वो ख्वाब कहती थी
प्यार करती थी वो मुझसे
आफ़ताब भी भला छुपाये कैसे
अपने जस्बात हम भी बयां करते रह गए !-०६.०८.२०१६
बाते किया करती
एक अपनापन था मानो
ये रात उसे प्यारी थी
मैं वाकिफ था
हर उस पहलु से
जिसे वो ख्वाब कहती थी
प्यार करती थी वो मुझसे
आफ़ताब भी भला छुपाये कैसे
अपने जस्बात हम भी बयां करते रह गए !-०६.०८.२०१६
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