चोट गहरी थी
गहरे ज़ख्म
इंसान को अक्सर बदल देते हैं
वो करीब आये
इजाजत दी मोहब्बत कर
आशिक़ दिल
यादों की दास्ताँ लिखे
भला कब तक ! - १४.०८.२०१६
गहरे ज़ख्म
इंसान को अक्सर बदल देते हैं
वो करीब आये
इजाजत दी मोहब्बत कर
आशिक़ दिल
यादों की दास्ताँ लिखे
भला कब तक ! - १४.०८.२०१६
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