Sunday, 9 November 2014

मैं और मेरी तन्हाई ~~~~

मैं और मेरी तन्हाई ~~~~

तन्हाई -पागल हो क्या !
अपने हे तो अपनों के बारे में सोचते है
मैं - पागल हु तभी तो आशिक़ हु !-२६.१०



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