जायज है तेरा शिकवा
बेवफा तू नही
रातें तो यूँ ही बीत जाती है
क्यों कोई समझा नही
यादों की बात ही कुछ और है
पता नहीं कब किसे अपनाये
हम तो आवारा फिरते सड़को पर
न जाने कैसे कारवाँ जुड़ जाये !-०३.०४.२०१७
बेवफा तू नही
रातें तो यूँ ही बीत जाती है
क्यों कोई समझा नही
यादों की बात ही कुछ और है
पता नहीं कब किसे अपनाये
हम तो आवारा फिरते सड़को पर
न जाने कैसे कारवाँ जुड़ जाये !-०३.०४.२०१७
No comments:
Post a Comment