थी वो हर
मुमकिन कोशिश
भुला दू तुझे
यु तो
बीत जाती सदिया
इंतजार में
कहा थी मालूम
वक़्त की साजिस
अंजान मैं
इंतजार था तेरा
तू मिली
तो मुकम्मल मैं
फलक पे चाँद
कुछ यूँ !!! - २१.०६.२०१६
मुमकिन कोशिश
भुला दू तुझे
यु तो
बीत जाती सदिया
इंतजार में
कहा थी मालूम
वक़्त की साजिस
अंजान मैं
इंतजार था तेरा
तू मिली
तो मुकम्मल मैं
फलक पे चाँद
कुछ यूँ !!! - २१.०६.२०१६
No comments:
Post a Comment