रंजिशे सही
ऐतबार रखिये ग़ालिब
जिंदगी है
सांसे भी लेनी है
नजरे भी मिलानी है
यूँ तो अजनबी
जिंदगी भी है
मुकम्मल
एकदिन मौत भी है
कुछ यूँ हो जस्बात
मुस्कुराते रहे हमेशा
क्या पता
किसीको जीने की वजह मिल जाये !
ऐतबार रखिये ग़ालिब
जिंदगी है
सांसे भी लेनी है
नजरे भी मिलानी है
यूँ तो अजनबी
जिंदगी भी है
मुकम्मल
एकदिन मौत भी है
कुछ यूँ हो जस्बात
मुस्कुराते रहे हमेशा
क्या पता
किसीको जीने की वजह मिल जाये !
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