अजीब सी कस्मकस है
दिल में है
जुबान पे नहीं
कुछ ऐसी बात है
यूँ तो तनहा ही
शुक्राना थी जिंदगी
आप आये कुछ
इस तरह
रब की इनायत हो गयी
ढूंढ़ती थी नज़रे
जिन कदमो के निशान
इबादत में
जो झुकाया सर
काफिर आँखे
समंदर हो गयी !-२१.०२.२०१८
दिल में है
जुबान पे नहीं
कुछ ऐसी बात है
यूँ तो तनहा ही
शुक्राना थी जिंदगी
आप आये कुछ
इस तरह
रब की इनायत हो गयी
ढूंढ़ती थी नज़रे
जिन कदमो के निशान
इबादत में
जो झुकाया सर
काफिर आँखे
समंदर हो गयी !-२१.०२.२०१८
No comments:
Post a Comment