Friday, 6 February 2015

तेरी बंदगी में रातें गुजर जाती ........

नींद तो इन दिनों 
हमें भी नहीं आती 
हसीं जुल्फें सवार्ति
तेरी तस्वीर नजर आती !
यूँ तो खुदा से हमने 
न मांगी थी जिंदगी !
फिर भी न जाने क्यों 
तेरी बंदगी में रातें गुजर जाती !-१६। ०१. २०१५

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